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Showing posts from December, 2021

Fake Feminism

                         ओ नारी!       तेरे हक़ की लड़ाई में        हम साथ खड़े थे।    तेरी जीत सुनिश्चित होने तक          डटे थे, अड़े थे।      क्यो जीत के जश्न में        मशगूल हो गई हो ?     क्या नारीत्व की परिभाषा          भूल गई हो ?       वाह री तेरी नारी शक्ति!     आए दिन रहती चर्चे में,       मुह पर अपशब्द,      तेरी नग्न तस्वीरें पर्चे में     तेरा नारीवाद, अधिकारवाद     धिक्कार है ऐसी शक्ति पर,     अब और न लिख शर्मिंदगी      भारत माँ की तख्ती पर।         स्वयं निश्चित कर ,    किसी सफल पुरुष के पीछे का       अनसुना क़िस्सा बनना है,      या किसी झूठे 'मी टू' का            फरेबी ...